देवउठनी एकादशी कब है, देवउठनी और तुलसी पूजा शुभ महूर्त | dev uthani gyaras kab hai

Dev uthani gyaras kab hai – कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है इस वर्ष देवउठनी एकादशी रविवार के दिन आने वाली है हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार यह उल्लेख वेद-पुराणों में भी मिलता है की देवउठनी के दिन ही भगवान विष्णु 4 महीने के लम्बे अंतराल के बाद में निंद्रा से उठते हे

देवउठनी के इसी दिन से सभी शुभ-कार्य प्रारम्भ हो जाते हे इसी दिन से सभी मांगलिक कार्य जैसे – ग्रहप्रवेश , शादी-विवाह , मुंडन आदि प्रारम्भ हो जाते है

देवउठनी एकादशी कब है, देवउठनी और तुलसी पूजा शुभ महूर्त | dev uthani gyaras kab hai
dev uthani gyaras kab hai

देवउठनी ग्यारस को छोटी दीवाली के त्यौहार के रूप में भी मनाया जाता है इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ में तुलसा जी की भी पूजा की जाती है

देवउठनी एकादशी को लोग तुलसी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है इसी दिन तुलसी विवाह का आयोजन किया जाता है

देवउठनी एकादशी के बारे में इस Post में आप को सभी जानकारी मिलेगी जैसे – देवउठनी का महत्व , देवउठनी एकादशी कब है , देवउठनी की पूजा विधि , तुलसी विवाह शुभ महूर्त और पूजा विधि , एकादशी के प्रसाद में रखे खास चीजे, यह जानकारी आपको यहां मिलेगी

देवउठनी एकादशी 2021 | dev uthani gyaras kab hai

देवउठनी एकादशी के बारे में इस Post में आप को सभी जानकारी मिलेगी जैसे –

  • देवउठनी का महत्व
  • देवउठनी एकादशी कब है
  • देवउठनी एकादशी 2021 कब है
  • तुलसी पूजा की विधि
  • देवउठनी शुभ महूर्त और पूजा विधि
  • देवउठनी की पूजा विधि
  • तुलसी विवाह शुभ महूर्त और पूजा विधि
  • तुलसी विवाह पूजा के समय खास बातो का धयान रखे
  • एकादशी के प्रसाद में रखे खास चीजे

यह जानकारी आपको यहां मिलेगी

देवउठनी एकादशी का महत्व

हिन्दू धर्म में यह उल्लेख वेद-पुराणों में भी मिलता है की देवउठनी के दिन ही भगवान विष्णु 4 महीने के लम्बे अंतराल के बाद में निंद्रा से जागते है कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की ग्यारस को देवउठनी एकादशी के नाम से भी जानते है
देवउठनी के दिन से सभी शुभ-कार्य शुरू हो जाते हे सभी मांगलिक कार्य जैसे – ग्रहप्रवेश , शादी-विवाह , मुंडन आदि इसी दिन से प्रारम्भ हो जाते है


देवउठनी एकादशी कब है?

देवउठनी एकादशी 2021 कब है

2021 में देवउठनी एकादशी का प्रारम्भ 14 नवंबर से 15 नवंबर को समाप्त होगा

ईस साल 2021 में देवउठनी एकादशी 14 नवंबर को होगा यह रविवार का दिन होगा , धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान् विष्णु 4 महीने के बाद में निंद्रा से जागते है इसी कारण ईस दिन को देवउठनी एकादशी के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है

देवउठनी एकादशी 2022 कब है

आनेवाले साल 2022 में देवउठनी एकादशी 4 नवंबर 2022 को आने वाला हे यह आनेवाला दिन शुक्रवार का दिन होगा , ईस दिन से हिन्दू धर्म में मंगल कार्य प्रारम्भ हो जाते है धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान् 4 महीने के बाद में निंद्रा से जागते है ईस दिन से सभी शुभ महूर्त आरम्भ हो जाते है इसी कारण ईस दिन को देवउठनी एकादशी के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है इस दिन तुलसी के पौधे की भी पूजा की जाती है

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देवउठनी पूजा विधिdev uthani gyaras kab hai

देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु और तुलसी की पूजा का एक विषेश महत्व होता है इसके लिये तुलसी पूजा की एक विशेष विधि अपनाई जाती हे

तुलसी पूजा की विधि

  • इस दिन तुलसा जी का और भगवान विष्णु का विवाह किया जाता हे
  • तुलसी पूजा के लिये सबसे पहले तुलसी के पौधे के चारों तरफ मंडप बनाये
  • इसी मंडप पर बाद में तोरण सजाये
  • अब रंगोली से कमल बनाये
  • अब आप मंडप पर स्वस्तिका , शंख , चक्र , गाय का पैर भी बनाये
  • अब आप आंवले के पौधे को तुलसी के पौधे के पास मे लगाए
  • आंवले के पौधे में भगवान विष्णु का वास माना जाता है
  • अब आप तुलसी पूजा मंत्र के साथ में पूजा प्रारम्भ कर सकते है
  • आप तुलसी जी के आगे घी का दीपक चढ़ाये
  • रोली – मोली ,मेहँदी और चन्दन भी उपयोग में ले
  • तुलसी जी को सुहाग वस्त्र चढ़ाये
  • अब टुल्सा जी के मंडप के चारो तरफ दिप को जलाये
  • अब तुलसी मंत्र का जाप करे
  • अब 11 बार तुलसा जी की परिक्रमा करे


NOTE – कभी भी तुलसा जी के पौधे की पूजा रविवार के दिन न करे
रविवार के दिन तुलसा जी की पूजा करने से और छूने से दोष लगता है
नए घर में तुलसी जी का पौधा लगाने से और रोजाना जल समर्पित करने से घर में समृद्धि का वाश होता है


देवउठनी शुभ महूर्त और पूजा विधि

तुलसी विवाह का शुभ-महूर्त देवउठनी एकादशी के दिन होता है

  • एकादशी की पूजा के लिये आप सुबह – सवेरे उठकर नहाये और साफ वस्त्र धारण करे
  • अब आप भगवान विष्णुजी के नाम का धयान करे
  • अब आप भगवान विष्णु जी के चरणों की आकृति अपने घर के आँगन में बनाये
  • अब आप विष्णुजी की आकृति गेहू पर बनाये

देवउठाने के लिये एक सही स्थान का चुनाव करे
जो घर के आंगन के बिच में हो

  • अब आप पूजन की जगह पर आप मिटाई , गुड़, गन्ने , सिंगाड़े , आँवला , बेर , सीताफल को चढ़ाये
  • पूजा के समय पूजा स्थल पर दीपक लगाये
  • इस दिन भगवान विष्णु जी की पूजा सभी सदस्यों को करनी चाहिये
  • अब आप घंटी और शंक बजाकर के मंत्र का उच्चारण करे
  • देवउठनी मंत्र -उठो देव – बैठो देव , पालकटी पटाखारो देव का उच्चारण करे
  • अब आप प्रसाद को वहा उपस्थित लोगो में बाट दे

देवउठनी एकादशी के प्रसाद में रखे खास चीजे

देवउठनी एकादशी के प्रसाद में आप मिठाइयों और फलों को शामिल करे पूजा में इन फलो को अवश्य शामिल करे, सिंगाड़े , गन्ना ,गुड़, मिठाईया सेब , मौसमी ,केला , बेर , आँवला , बेर , सीताफल जैसे फलो को पूजा में उपयोग करे इसके अलावा किसान परिवार से सम्बंदित लोग पूजा में कुछ सब्जियों जैसे गोभी , टमाटर , बेंगन , ककड़ी को भी काम में लेते है मिठाइयों में आप दूध से बनी सभी तरह की मिठाइयों में उपयोग कर सकते है आप दूध से खीर बना कर के भोग जरूर लगाये dev uthani EKADASHI kab KI hai

एकादशी का व्रत और पूजा कैसे करे

  • एकादशी का व्रत करने के लिए आप सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर के स्न्नान करे
  • अब आप भगवान विष्णु जी की मूर्ति के सामने दिप-जलाये
  • अब आप भगवान विष्णु की आराधना करे
  • एकादशी के दिन आप भगवान विष्णु को तुलसी के पत्ते जरूर अर्पित करे
  • अब आप विष्णु जी की पूजा – आराधना करते हुए पाठ करे

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एकादशी व्रत


एकादशी का व्रत 24 घंटे का व्रत होता है इसके लिए शाम के समय पर फलाहार करना होता है ईस व्रत को करने का विशेष फल मिलता है इस व्रत को करने वाला अगर सारे दिन निराहार नहीं रह सकता है तो वह दिन में भी दूध या जूस का सेवन कर लेते हे एकादशी का व्रत करने वाला शाम के समय पर फलाहार कर सकता है

तुलसी विवाह पूजा के समय खास बातो का धयान रखे

  • NOTE – देवउठनी के दिन आप तुलसी को लाल सुहाग की चुनरी और सुहाग का सामान जरूर चढ़ाये
  • पूजा के समय तुलसी जी के साथ में सालगराम जी को अवश्य रखे
  • पूजा पूरी होने के बाद में आप तुलसाजी की परिक्रमा जरूर करे
  • परिक्रमा के समय हाथ में अक्षत (चावल )जरूर रखे
  • परिकर्मा के बाद में आप तुलसी जी को भोग जरूर करे
  • अब शाम के समय पर आप देवों को उठने की पूजा करे और देवों को उठने का आहवान जरूर करे

देवउठनी के दिन आप व्रत करके आप अपने घर में समृद्धि और खुशहाली की कामना कर सकते है यह व्रत आप को बहुत ही समृद्धिवान , बुद्धिमान बनाता हे और आप पर भगवान विष्णु की कृपा बनी रहेगी – dev uthani gyaras kab hai

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