पालक की खेती मे ( कम खर्च ओर समय ) मे करे लाखो की कमाई | palak ki kheti kaise karen

हम आज किसान भाइयो को सब्जी की एक ऐसी नकदी फसल के बारे में बताने जा रहा हु जो किसानो को जरूर करनी चाहिए इसे अपना कर किसान भाई अपनी आमदनी बड़ा सकते हे पालक की खेती ( palak ki kheti kaise karen ) मे कम लागत में अधिक मुनाफा कैसे कमाए आज सभी जानकारी आप को ईस पोस्ट से मिल जायेगी आप जानते होंगे की पालक 1 साल भर चलने वाली सब्जी हे

हरी सब्जियों में पालक का बहुत ही महत्व हे यह 1 ऐसी हरी सब्जी हे जो आयरन से भरपूर होती हे और साथ में विटामिन b12 , पोटेसियम और फाईबर भी इसमे अधिक मात्रा में होता हे

पालक की खेती ऐसी खेती हे जो कम समय और काम लागत में अच्छा मुनाफा देती हे पालक की 1 बार बुहाई कर के इसकी 4 से 6 बार कटाई कर सकते हे इसकी 10 से 15 दिन में दुबारा कटाई हो जाती हे

पालक 1 ऐसी सब्जी की फसल हे आप की भूमि , पानी और पोषण के आधार पर आप इस की जितनी कटाई करेंगे उतना ही अधिक लाभ आप प्राप्त कर सकते हे आप इसकी खेती साल भर कर सकते हे शहरो के आस पास रहने वाले किसान इस से अछि आमदनी कर सकते हे

पालक की उन्नत खेती – palak ki kheti kaise karen

पालक की खेती मे कम लागत में अधिक लाभ के लिए ऐसे बहुत से काम हे जो सभी किसानो के लिए करने आवश्य्क हे जिसे समय समय पर करके किसान बहुत अधिक आय प्राप्त कर सकते हे जैसे – 
  • भूमि का चुनाव करना अति आवश्य्क हे
  • पालक की बुहाई की विधि
  • बुहाई के लिए सही समय का चुनाव करे ,
  • फसल में लगने वाले किट और लट का समय पर नियंत्रण 
  • समय समय पर सिचाई करे ,
  • समय पर कटाई करे 
खेत का चुनाव 
 पालक की खेती के लिए हल्की दोमट मिट्टी अच्छी रहती हे जिसमे पानी की निकासी की अच्छी व्यवस्ता रहे पालक की खेती में  सिचाई के लिए पानी होना जरुरी हे गर्मी मे आप पालक की खेती करना चाहते हे तब आप को पानी की अधिक मात्रा मे जरूरत होगी
ऐसे खेत का चुनाव कर ले जिसमे पानी की खपत कम हो रेतीली मिटटी में पालक की खेती की बुहाई न करे, बरसात मे आप रेतीली ओर पोषण युक्त जमीन मे पालक की खेती कर सकते हे
पालक की खेती के लिये आप 6 से 7 ph वाली मिटटी का चुनाव करे दोमट और अच्छी पोषण यूक्त मिटटी में आप पालक की बहाई कभी भी कर सकते हे
खेत की तैयारी 
 पालक की बुआई के पहले आप खेत की अच्छी तरह से 3 से 4 बार जुताई कर ले जुताई के पहले आप खेत से खरपतवार निकल दे व पाठा लगाने से पहले आप 25 से 30 टन हेक्टेयर के हिसाब से गोबर की खाद खेत में डाल दे
1 किवंटल हेक्टेयर की दर से नीम की खली भी डाले जिससे बीज और पोधो पर बीमारी, किट या दीमक का प्रभाव नहीं होगा जमीन की उपज बनी रहेगी और अधिक उपज होगी और अधिक लाभ की प्राप्ति होगी

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बुहाई का समय 

पालक की खेती साल भर की जाती हे परन्तु मार्च या नवम्बर के महीने में इसके बीजो का अंकुरण अच्छा रहता हे मार्च के महीने में की गई पालक की खेती में आप अधिक लाभ ले सकते हे गर्मी में पालक का भाव 10 से 40 रुपये तक हो जाता हे

आप पालक की बुहाई सर्दी के लिए करना चाहते हे तो आप इसकी बुहाई जुलाई -अगस्त -सितम्बर में कभी भी कर सकते हे इस समय पालक का भाव 5 रु से लेकर  20  रु तक होता हे लेकिन उपज ( बजन ) अछि प्राप्त होती हे और लागत बहुत कम होती हेईस समय आप को गर्मी के मुकाबले दुगना , तिगुना उत्पादन मिलता हे 

पालक की उन्नत किस्म –

पालक की खेती मे अधिक आय ओर अधिक उत्पादन के लिए पालक की अछि किस्मों की बुहाई करनी बहुत जरूरी होती हे पालक की अछि किस्म पूसा जयोति , पूसा  जोबनेर ,पूषा हरित इन किस्मो के पत्ते कोमल व सवाद स्वादिस्ट होता हे

पूसा जयोति – यह किस्म अधिक पैदावार देती हे इसकी पत्तिया गहरे हरे कलर की और मुलायम होती हे इसकी पहली कटाई 30 दिन के लगभग हो जाती हे इस किस्म की सम्पूर्ण कटाई 7 से 8 बार तक हो जाती हे
पूसा हरित – यह किस्म एक समान वर्दी वाली और अधिक उत्पादन वाली होती हे इसकी वर्दी सितम्बर से मार्च तक सर्दी में अधिक होती हे

पालक के बीज का भाव 

पालक का बीज आपको किसी भी बीज की दुकान पर आसानी से मिल जायेगा पालक का हाइब्रिड बीज आप को आसानी से  150 से 200 रूपये किलो के भाव मे बाजार मे मिल जाता हे

देशी बीज आप आसानी से 100 से 150 रूपये किलोग्राम के लगभग मे खरीद सकते हे आप खेती के लिये अच्छी किस्म का देशी और हाइब्रिड बिज ही ख़रीदे जिसमे आप अच्छा उत्पादन ले सकते हे

पलक खेती में बीज की आवश्यकता 

पालक की खेती मे अछि पैदावार लिए आप 25 से 30 किलो हेक्टेयर के हिसाब से बीज काम में ले सकते हे अगर आप छिड़काव विधि से पालक की बुआई कर रहे हे तो धयान रखे की बीज की मात्रा अधिक होनी चाहिये पालक की खेती मे आप हाइब्रिड किस्मों का चुनाव करते हे तो आप को अच्छा लाभ मिल सकते हे

 किट और खरपतवार का नियंतरण

पालक एक कोमल फसल हे सामान्यता पालक में रोग कम लगता हे लेकिन जब भी रोग लगे तो समय पर नियंत्रण करना बहुत जरुरी हे गर्मी में पतों पर इल्ली और सर्दी में लट का प्रभाव जयादा होता हे पालक में किट और रोगों के नियंत्रण के लिये आप समय पर दवाइयों का स्प्रे करते रहे

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पालक की खेती में किट और नियंत्रण 

पालक में केटर पिलर ,माहु ,बीटल , एफिड और लीफ माइनर , थ्रिप्स नाम का किट होता हे जो पत्तो को खाता हे और पोधो को नुकसान पहुँचता हे इसके लिए आप जेविक उपचार मे west dcompose का घोल , निम् तेल , गौमूत्र आदी का छिड़काव करे

एफिड्स – यह पालक की पत्तियों का रस-चूसकर के पोधे को कमजोर करता हे यह पालक के पोधे का सबसे बड़ा दुश्मन हे यह पालक को बहुत नुकशान पहुचाता हे

लीफ माइनर – यह किट पालक की पत्तियों का रस चूसकर के उन्हें कमजोर कर देता हे

थ्रिप्स – यह किट भी पालक की पत्तियों पर अधिक पाया जाता हे

इन सभी किट का नियंत्रण करने के लिये आप ( LARA और BAYER का LARVIN कीटनाशक ) नाम की दवाओ का स्प्रे कर सकते हे LARA ( Chloropyriphos50% + Cypermethrin 5% EC ) और LARVIN ( Thiodicarb 75% WP) टेक्निकल नाम हे  यह कीटनाशक पालक की खेती के अंदर बहुत ही उपयोगी हे हम भी पालक की पत्तियों में किट अधिक हो जाने की दशा में इन दवाओ का ही उपयोग करते हे

ONLINE आप इन दवाओ को यहा से खरीद सकते हे इन दवाओ को खरीदने के लिये आप को इनका link निचे मिल जायेगा

पालक की खेती में रोग 

पालक के खेती में पालक के पोधे कभी कभी गर्मी की वजह से और फुनगस की वजह से  सुकने लगते हे और यह रोग अधिक मात्रा में होने में हमारी आधी से जयादा फसल ख़राब हो सकती हे इसके लिये आप ( UPL के SAFF fungicide ) का स्प्रे फसल पर कर सकते हे

किट और रोग की दवाईयो को यहा से ख़रीदे 

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किट ओर रोगों का रासायनिक उपचार

पालक में लट , किट और किसी भी प्रकार के मच्छर-मखी की रोकथाम के लिए आप 15 ML लारा और 2 चम्मच लार्विन का स्प्रे प्रति टंकी प्रति  [16 लीटर ] करे इन दोनों दवा के स्प्री से कोई भी किट और लट पालक में दिखाई नहीं देगा

खरपतवार के लिए आप किसी भी रासायनिक दवा का छिड़काव न करे ये दवा पालक को भी नुकसान पहुँचाती हे आप खरपतवार को निकाल कर हटा दे जब खरपतवार अधिक हो जाए तब आप खरपतवार नाशक का उपयोग कर सकते हे

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खाद और पोषण उवर्रक =  पालक की खेती मे पोषण ओर खाद की अधिक मात्रा मे जरूरत होती हे आप प्रति हेक्टेयर मे दी गई खाद का उपयोग जरूर करे जिससे आप को अच्छा उत्पादन मिल जायेगा

  • गोबर की 20 से 25 टन  सड़ी हुई गोबर खाद
  • 60 से 80 किलो नाइट्रोजन
  • 60 किलो फास्फोरस
  • 60 किलो पोटास प्रति हेक्टेयर खेत में डाल कर बुहाई करे
  • npk  का उपयोग भी आप पालक मे समय समय पर कर सकते हे

NOTE- उवर्रक के छिड़काव के 24 घण्टे के अंदर सिचाई जरूर करे

पालक एक नाजुक पत्तेदार फसल हे इसे कभी भी एक साथ खाद बीज की आवश्यकता नहीं होती हे पालक की फसल मे 5 से 7 टुकड़ो मे नाइट्रोजन ओर npk का उपयोग करना चाहिये

जिससे आपको अच्छा उत्पादन आपको पालक की फसल मे मिलेगा पालक की फसल मे अधिक बार कटाई करने के लिए आप पालक की फसल मे बार बार खाद ओर पोषण का उपयोग सिचाई के साथ मे करते रहे , खाद का उपयोग आप 4 से 7 बार में पानी के साथ में करे

 पालक की कटाई और पैदावार
पालक की पहली कटाई 30 से 35 दिन के लगभग में  हो जाती हे जब पत्तियों की लम्बाई 20 से 25 सेंटीमीटर हो जाये तो इसकी कटाई कर सकते हे हमेशा कटाई जमीन से 5 सेंटीमीटर ऊपर ही करे कटाई के तुरंत बाद ही क्यारी की सीचाई अवश्य करे
पालक की समय समय पर कटाई करते रहेंगे तब  आप 7 से 8 कटाई पालक की हो जाती हे पालक की कटाई 16 से 20  दिन के लगभग हमेशा होती रहती हे

पालक की खेती मे लाभ

वैसे तो पालक की उपज उसकी किस्म के ऊपर निर्भर करती हे अगर हम अछि तरह से देख भाल करे तो बहुत अधिक उपज पालक की खेती मे ले सकते हे आप यहाँ से जानकारी ले सकते हे पालक की खेती में कितनी आय और खर्चा आप को होने वाला हे

पालक की खेती आप अधिक लाभ के लिये मार्च से अप्रेल के लगभग करते हे तो आप को पालक की खेती में बहुत अच्छा भाव मिलता हे

पालक की खेती मे लागत  

( 1 )  200 रु प्रति किलो बीज का भाव
( 2 )  बीज का प्रति हेक्टेयर खर्च  [200 *30  =6000 रु ]
( 3 ) 2000 रु के लगभग दवा का खर्च
( 4 ) बुआई 5000  रु के लगभग का खर्च
6000  + 2000 + 5000  ==13,000  रु कुल खर्च

आय   [ INCOME ]

200 से 300 कुंटल पालक का पर हेक्टेयर पैदावार होती हे
पालक का भाव 15 से 25  रु पर किलो का रहता हे
आय =  200 *100 *20   = 4 लाख की कुल आय 

NOTE – पालक की खेती में आप निम्न कारणों का धयान जरुर करे

  • पालक के बिज को ज़माने के पहले आप खेत की 3 से 4 बार गहरी बहाई जरुर करवाये
  • 1 हेक्टेयर में आप 25 से 35 किलो के लगभग बिज अवश्य काम में ले
  • अधिक गर्मी में बिज का अंकुरण सही से पूरी तरह नहीं होता हे
  • पालक के लिये ( 20 C ) का तापमान अच्छा रहता हे
  • बिज की बहाई के बाद में हलकी मिटटी की या खाद की परत बिज पर बिखेर दे जिससे नमी में बिज अच्छा उगता हे
  • पालक की खेती में सीचाई की अधिक मात्रा में आवश्यकता होती हे
  • पालक की खेती में आप दूसरी फसल की भी रुपाई कर सकते हे जेसे गोभी , पत्तागोभी , गेंदा आप पालक के साथ लगा सकते हे
  • पालक की खेती को खरपतवार से बहुत ही नुकशान  होता हे आप खरपतवार का नियंत्रण जरुर करे
  • पालक की खेती में किट और लट भी बहुत नुकशान पहुचाती हे इसका नियंत्रण आप जरुर करे इसके सुझाव आपको यहा मिलेंगे इसके लिये आप आवश्यक दवाओ का उपयोग जरुर करे
  • पालक की खेती में अधिक पैदावार के लिये आप समय समय पर आप इसकी कटाई करते रहे और समय पर सिचाई करते रहे

आप देख सकते हे की 1 हेक्टेयर की अनुमानत आय [ 4 लाख के लगभग हे ) आप आसानी से बहुत ही कम खर्च मे पालक की खेती मे लाखो की कमाई कर सकते हे

आप देख सकते आप एक नकदी फसल के तोर पर पालक की खेती को अपना कर कैसे कम समय में अधिक लाभ कमा सकते हे अगर आप मंडी के पास वाले इलाको में या शहरी इलाको में रहते हे तो पालक की खेती में आप बहुत अधिक आय प्राप्त कर सकते हे अगर आप बहुत अधिक जगह में नहीं करके खेत के छोटे से हिस्से में भी करके भी अधिक आय कर सकते हे

उम्मीद हे हमारे दवरा दी गई( palak ki kheti kaise karen ) जानकारी आप को अछि लगी हे तो आप इस जानकारी को अपने अन्य किसान साथियो के साथ भी इसे शेयर करे

6 thoughts on “पालक की खेती मे ( कम खर्च ओर समय ) मे करे लाखो की कमाई | palak ki kheti kaise karen”

  1. पालक की खेती नकद आय की फसल है
    मे पालक की खेती कर्ता हू

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