tejpatta – उपयोग के जबरदस्त 13 फायदे जो आप को बीमार नहीं होने देंगे

 

tejpatta एक ऐसा मसाला हे जिसका उपयोग हमारे देश में ही नहीं पुरे विश्व में ही मसालों में मुख्य तोर पर किया जाता हे इसका उपयोग भोजन में स्वाद और खुशबू को बढ़ाने में किया जाता हे

इसके उपयोग से भोजन का पूरा स्वाद ही बदल जाता हे तेज पत्ता भारत के सभी रसोई घरों में आसानी से मिल जाता हे तेज पत्ता को सुप में चाय में मसालों में पेठे में

कही जगह खीर में भी तेजपत्ता का उपयोग किया जाता हे tejpatta पूरी तरह अपने गुणों के कारण आयुर्वेदीक प्लांट हे

tejpatta
tejpatta

आयुर्वेद में तेज पत्ते के बहुत से ओषधीय और हर्बल फायदे बताये गए हे तेज पत्ता हमारे भोजन के साथ – साथ हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत ही उपयोगी हे तेज पत्ता को ताजा और सूखे दोनों रूप में उपयोग में लिया जाता हे

तेज पत्ता का परिचय – ( tejpatta )

तेज पत्ता का वैज्ञानिक नाम लॉरस नोबिलिससे जो लॉरस कुल का एक पौधा हे इसका ओसधियो और खाने में उपयोग हजारो सालो से किया जा रहा हे

तेज पत्ते की बहुत सारी प्रजातिया हे जिनमे से अधिकतर एशिया में पाई जाती हे

तेज पत्ता में ये गुण विधमान हे

  • इसमें (A और C ) विटामिन अधिक पाया जाता हे
  • कुल वसा – 8 %
  • कुल कोलेस्ट्रॉल – 0 mg
  • सोडियम – 23 mg
  • पोटेशियम – 529 mg
  • कुल कार्बोहाइड्रेड – 75 %
  • प्रोटीन – 8 %
  • केल्सियम – 834 mg
  • आयरन – 43 mg
  • मेग्नीशियम 120 mg

tejpatta  को भारत में ( इंडियन बे लीफ ) के नाम से  जाना जाता हे इसे भारत में अलग अलग जगह बहुत से नामो से जाना जाता हे

जैसे –

  • इंग्लिश में – इंडियन बे-लिफ़ या इंडियन केसिआ
  • हिंदी में -तेजपत्ता या तमालपत्र या ब्राहमी
  • बंगाली में – तेजपत्र
  • नेपाली – तेजपात
  • गुजराती – तमालपत्र
  • तेलगु – आकुपत्रि

या बगारा आकु या बिरयानी आकु या पनाई ईलाई तमिल में पल्लव आकु तेलगु में अलग – अलग जगह इसकी अलग -अलग किस्मे उगाई जाती हे

तेजपत्ता एशियाई पौधा हे जो धीरे धीरे उपुक्त वातावरण वाले दूसरे देशो में फेलने लगा तेजपत्ता ठण्डी जलवायु में व्यवसायिक तौर पर नहीं उगाया जाता है यह पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक उगाया जाता हे

यह भी पढ़े – solar dryer – में टमाटर को सूखा कर कैसे 25 साल के किसान ने 2 लाख की इनकम की

कई लोगो को ये लगता हे की दालचीनी और तेजपत्ता का पौधा एक ही लेकिन दालचीनी और तेजपत्ता का पौधा अलग – अलग होता है इन दोनों की खुश्बू और स्वाद लगभग समान होता हे लेकिन तेजपत्ता दालचीनी से हल्का होता है

तेजपत्ता – स्वाद और सुगंद 

ईसका स्वाद चटपटा , कड़क , तेज  होता हे यह भी अन्य मसालो के साथ रसोई में काम में लिया जाता हे जो भोजन के स्वाद को बहुत अधिक अच्छा बनाता हे

tejpatta का स्वाद ताजा पत्तो में और सूखे हुये पत्तो में अलग अलग होता हे सूखे पत्ते में खुसबू जड़ी बूटियों जैसी और अजवान और जलनीम जैसी होती हे तेजपत्ता का तेल और परफयूम भी बनाया जाता हे

 

तेज पत्ता के उपयोग 

तेजपत्ते को हम सुप में मसालों में आयुर्वेदीक दवाओं में मांसाहारी भोजन और सब्जियों में किया जाता हे

भारत में और एशियाई देशो में तेजपत्ते का उपयोग बिरयानी व मांसाहारी भोजन में मसालेदार सब्जियो में अधिक किया जाता हे जिसे प्रति दिन रसोई में काम में लिया जाता हे

  • कुछ जगह खीर में भी इसे डाला जाता हे
  • ब्लेक -टी , सुप में भी इसे काम में लिया जाता हे
  • पुलाव चिकन बिरयाणी आधी मसाले दार भोजन में इसका उपयोग अधिक किया जाता हे
  • तेजपत्ता का भोजन और सब्जियों में स्वाद बढ़ाने में किया जाता हे
  • सर्दी और जुखाम में तेजपत्ते को उबालकर छान कर पीने से फायदा होता हे
  • तेजपत्ते के तेल को दर्द और सूजन वाली जगह पर मालिश करने से दर्द कम हो जाता हे

यह भी पढ़े – Mirch ki kheti | कैसे करे | मिर्च की खेती में समय और लाभ की सारी जानकारी

व्यवसायिक – खेती  

इसके पौधे को लेयरिंग और कलम कटिंग से तैयार किया जाता हे बीज से उगाने का प्रतिशत बहुत ही कम 40% से भी कम है इसमें बीज को उगने का प्रतिशत कम और बीज उगने का समय बहुत आधीक होता हे  इस कारण तेजपत्ते के पौधे कलम से ही अधिक उगाये जाते हे

ओषधीय – गुण

tejpatta के ओषधीय गुण में एक गुण उसका कीटनाशी गुण भी हे इसके पत्तो को जला कर कीटों और मछरो और मखियो को भगाने में भी किया जाता हे तेजपत्ते के बहुत से गुण हे जो ओषधीय काम करते हे

इसका उपयोग डायबिटीज़ में किडनी की परेशानी जैसे बहुत सी बीमारियों में किया जाता हे

तेज पत्ते को सुरक्षित कैसे रखे 

tejpatta के ताजा और गीले पत्तो को जीप लगी पेकिंग थैली में फ्रिज में 7 दिन के लगभग रख सकते हे सूखे पत्तो को सीलबन्द डिब्बे में रखे पत्ते गीले नहीं होने दे सूखे पत्तो को हम साल भर रख सकते है

noteयहाँ पर click करके आप blood donor से जुडी अच्छी-अच्छी जानकारी आप देख सकते हे 

तेज पत्ते के गुण – पौष्टिक तत्व् – फायदे 

 

डायबिटीज में पत्तो का उपयोग –  डाइबिटीज़ की समस्या में तेज पत्ता के केप्सूल का सेवन फायदेमंद होता हे इसके केप्सूल के सेवन से कोलेस्ट्रॉल में भी फायदा होता हे

सही दिशा निर्देश में लेने पर डायबिटीज़ और कोलेस्ट्रॉल का प्रभाव कम होने लगता हे और दोनों ही बीमारियों में तेज पत्ता का अच्छा लाभ देखा गया हे

कैंसर में पत्तो के उपयोग – कैंसर जैसी बीमारियों का अभी तक कोई इलाज नहीं मिला हे बहुत सी रिसर्च की भी जा रही हे लेकिन कोई भी पक्का इलाज नहीं मिला हे लेकिन कुछ चीजों का परहेज और खान पान में बदलाव से इसमें कुछ लाभ मिलता हे

तेज पत्ता का सेवन कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकने में सहायक हे जिससे कैंसर के प्रभाव को कम करने में सहायता मिलती हे

यह भी पढ़े – सभी किसान करे सोलर पंप का आवेदन | 60% की सब्सिडी | kusum yojna rajesthan 2020-21

सूजन कम करने में उपयोग – शरीर में cox-2 नामक एंजाइम के कारण सूजन होता हे तेजपत्ता के तीखापन की वजह से यह एंजाइम बढ़ता नहीं हे तेजपत्ता के तेल की मालिश वाली जगह करने से भी सूजन कम होता हे

श्वास तंत्र में पत्तो का उपयोगतेजपत्ते का उपयोग खाने में करने से खासी फ्लू में भी फायदा पहुँचता हे श्वाश नली में सूजन कम करने में भी तेजपत्ता फायदा पहुँचाता हे इसकी सुगंद तनाव को भी कम करती हे

जख्म को भरने में – ncbi की वेबसाइट पर  दिये डाटा के अनुसार इसका अर्क घाव भरने में सहायक पाया गया हे

वजन कम करने में – वजन काम करने  के लिये तेजपात्त जड़ी बूटी की तरह काम करता हे इसके सेवन से भूख कम लगती हे और व्यक्ति अधिक कैलोरी (भोजन) लेने से बचता हे

दांतो  और मसूढ़ों में तेज पत्ता का उपयोग – तेजपत्ता में विटामिन c तत्व पाया जाता हे जो दातो के मसूड़ों में खिचाव करके उनको सव्स्थ्य रखने का काम करता हे

तेजपत्ते के पत्तो और लखड़ी के राख का मंजन करने से दांत और मसूड़े मजबूत होते हे मंजन से दातो में चमक भी आती हे और दर्द और खून आने की समस्या भी नहीं आती हे

त्वचा में पत्तो के फायदे – त्वचा के लिये तेजपत्ता का एसेंसियल आयल का उपयोग कॉस्मेटिक वस्तुओ इत्र , साबुन  , क्रीम आधी बनाने में किया जाता हे तेजपत्ता का उपयोग मखी मछर और कीड़ो के प्रभाव को कम करने में किया जाता हे

बालो में पत्तो का उपयोग – तेज पत्ते का उपयोग बालो की जड़ो में फंगल और इंफेक्शन को रोकता हे इसमें एंटी फंगल गुण विधमान होते हे जिसके कारन इसके ऑयल को बालो में रुसी को कम करने में भी किया जाता हे

इंफेक्शन में उपयोग –  तेजपत्ता में इन्फ़ेक्सन को रोकने के भी गुण पाए जाते हे यह सक्रमण को कम करने में प्रभावी रूप से काम करता हे ncbi की वेबसाइट पर दिए डाटा के अनुसार त्वचा सम्बंदित इंफेक्शन में तेजपत्ता के ऑयल का उपयोग किया जाता हे

किडनी की समस्याओ में – किडनी और पेशाब की नली में स्थित पथरी की समस्या में तेजपत्ता का अर्क बहुत से सालो से किया जाता रहा हे लॉरिक एसिड जो किडनी की समस्या में फायदा करता  हे

नींद मेंtej patta के तेल की एक बून्द को पानी में डाल कर पीने से नींद अच्छी आती हे

बालो की जुए निकलने में – तेजपत्ता के 6 से 7 पत्तो को आधा गिलास पानी में उबाले जब पानी आधा रह जाये तब पानी को ठंढा करके सिर की अच्छी तरह मालिस कुछ दिन करने से सर में जुए की परेशानी नहीं होगी

यह भी पढ़े – marua ke fayde | मरुआ के पौधे के चमत्तकारी और आयुर्वेदिक गुण

तेजपत्ते को जलाने के फायदे –  तेजपत्तो के पत्ते को किसी बर्तन में रख कर जला के धुआँ करने से वातावरण खुशबूदार होता हे मछर – मखी घर से दूर चले जाते हे इसका धुँआ तनाव को कम करने में भी सहायता करता हे

इसका धुआँ रूम-फ्रेशनर का भी काम करता हे जो वातावरण को शुद्ध करता हे

तेज पत्ता का उपयोग कैसे करे

तेज पत्ता का उपयोग आप कभी भी भोजन में कर सकते हे परन्तु किसी खास बीमारी में आप आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह लेकर ही करे जिससे आप को कोई कोई भी परेशानी ना हो पायेगी

तेजपत्ता के पौधे को कहा ऊगा सकते हे

tejpatta के पौधे व्यवसायिक तोर पर पहाड़ी इलाको में लगाए जाते हे लेकिन बहुत सी किस्मो को अभी मैदानी क्षेत्रों में भी ऊगा कर देखा गया हे आप मसाले के लिए इसे घर के गमलो में भी लगा सकते हे

 

Leave a Comment