top 10 medicinal plants in india जो हमारे घर में होने जरुरी है

आज भारत में जब से आयुर्वेद और मेक इन इंडिया का नारा जोर पकड़ रहा है जिससे आज आम इंसान भी भारत और भारतीयता को जानने की कोशिश में आयुर्वेद की तरफ बढ़ रहा है जिसके लिए में top 10 medicinal plants की जानकारी आप के लिए लाया हु

जिसके कारण भारतीय उत्पाद , आयुर्वेद और देसी दवाइयों, देशी और्वेदिक पोधो की तरफ आपकी रूचि बढ़ी है –लेख के बारे में सम्पूर्ण जानकारी

giloy and lemon grass plants
giloy and lemon grass plants

जिससे मार्केट में भी आज देसी आयुर्वेदिक – मेडिसन की बिक्री और मार्केटिंग आज से 5 sal पहले के मुकाबले बिक्री में भी 10 गुना तक बढ़ोतरी हुई है जिसका अर्थ है आयुर्वेद के प्रति लोगो में वापस जानकारी बढ़ने लगी है

आयुर्वेद की तरफ लोगो का जुखाव इस वजह से भी होने लगा है कि लोग अब अपनी सेहत के प्रति जागरूक होने लगे है

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इन पोधो को घर में उगाकर हम बहुत सी बीमारियों से बच सकते है और हम सर्दी – जुखाम ,गले की खरास , वायरस सक्रमण , सिर दर्द , हल्का बुखार , कमजोरी में , शरीर की रोग प्रतिरोधक श्रमता को बढ़ाने में , बुखार जैसी बीमारियों में ये पौधे रामबाण है जिससे हरियाली भी होगी और लोग बीमार भी नहीं होंगे

मैं आज आप को ऐसे ही 10 आयुर्वेदिक प्लांट के बारे में बताऊंगा जिसका आप उपयोग करके निरोगी रह सकते हे और अधिक मात्रा में आयुर्वेदिक प्लांट की खेती करके भी मोटा मुनाफा कमा सकते है

top 10 medicinal plant in home use

giloy – गिलोय बेल  

गिलोय एक बेल हे जो बीज और कटिंग दोनों ही से सभी तरह की मिट्टी में आसानी से लगा सकते है
गिलोय के लाभ – इसमें शरीर की रोग-प्रतिरोधक श्रमता बढ़ाने की अहम ओषधि है इससे श्वास के रोगी , डेंगू , चिकनगुनिया , मधुमेह , जुखाम के पीड़ितों के लिए फायदेमंद है

गिलोय को कैसे उपयोग में ले – गिलोय की बेल को प्रति व्यक्ति आधा फिट के लगभग काट ले और बेल को अच्छी तरह कूट कर उसे पानी के साथ उबाल कर छान कर पी सकते हे आप इसे चाय में भी पी सकते है अगर किसी को शुगर की बीमारी नहीं हे तो वह शहद भी डाल कर पी सकते है

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tulsi – तुलसी  

तुलसी के पौधे के लिए इसे बीज और कभी कभी ये कलम के माध्यम से भी उगाई जा सकती है
तुलसी के लाभ – तुलसी की पत्तियों का सेवन करने पर हमें सिरदर्द ,खासी , बुखार गले की खरास में , मानसिक शांति में लाभ होता है

तुलसी का सेवन कैसे करे – तुलसी को हम पत्तियों को उबाल कर या चाय में पत्तियों को डाल कर भी उपयोग में ले सकते है तुलसी की पत्तियों के साथ काली मिर्च , लॉन्ग आदि के साथ मसाला चाय बना कर भी उपयोग कर सकते है हम सीधा पत्तियों का भी सेवन कर सकते है रसोई में भी हम मसलो के साथ तुलसी की पत्तियों को काम में ले सकते है हम जब मंदिर में जाते हे तब भी प्रसाद के साथ तुलसी की कुछ पत्तिया भी प्रसाद में हमें दी जाती है

pudhina – पुदीना

पुदीना को हम घर पर ही बीज या डालियो की साथ भी ऊगा सकते है

पुदीना के लाभ – पुदीना का उपयोग सीने में जलन , पेट दर्द , मितली , शरबत , मसलो में , रायता ,चटनी में , जुश ,ठंडा-गर्म सुप , सूखे मसलो में , रसोई के मसलो में , पुदीने के और भी बहुत से फायदे है व् बहुत से चमत्कारी गुण है

पुदीने का उपयोग कैसे करे – पुदीना हमारे रसोई में हमेसा काम में आने वाले मसाला हे इसे हम छाछ में , जूस में, पानी के साथ , इसे हम गिला या सूखा कर दोनों ही रूप में साल भर काम में ले सकते है

top 10 medicinal plant में तुलसी और पुदीने का सबसे ज्यादा उपयोग सभी घरो में होता है

sadabhar – सदाबहार

डायबिटीज और मधुमेह में रामबाण सदाबहार सदाबहार को हम बीज के माध्यम से आसानी से लगा सकते है

सदाबहार के लाभ – सदाबहार की पत्तियों का रस हम नाक और गले के सक्रमण में काम में ले सकते है ब्लड प्रेसर , मानसिक रोगो में ,इसकी पत्तियों को चूसने से मधुमेह में भी फायदा होता है इसकी पत्तियों को दाद-खाज और खुजली में भी काम में लेते है

सदाबहार को कसे काम में ले – इनकी पत्तियों के दूध को दिन में दो से तीन बार प्रभावित जगह लगाने पे दाद-खाज और खुजली में फायदा होता है सदाबहार के पौधे की जड़ को सुबह- सुबह रोज चबा कर खाने से ब्लड -प्रेसर में फायदा होता है तीन से चार पतियों का सुबह सुबह चबा कर सेवन करने से मधुमेह में फायदा होता है सदाबहार का उपयोग इलाज है पत्तियों को पीस कर फोड़े-फुंसी पर लगाने पर वह बहुत जल्दी पक कर फुट जाती है

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leman grass – लेमन ग्रास
इसे हम बीज की सहायता से गमले में भी लगा सकते है इसे निम्बू ग्रास भी कहते है

ग्रास के लाभ – इसमें एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होता है इस ग्रास में विटामिन-ऐ और सी , मैग्नीशियम , जिंक , कॉपर , आयरन , कैल्शियम , मेगनीज , फास्फोरस , पोटेसियम ,फोलेट एसिड पाया जाता है इसमें जीवाणुरोधी गुण पाये जाते है ये हमें बहुत से सक्रमण से बचाते है

लेमन-ग्रास को कैसे उपयोग में ले – इसकी पत्तियों का उपयोग लेमान-टी बनाने में में कर सकते है गर्म पानी में अजवान के बीज के साथ लेमन ग्रास की कुछ पत्तियों को उबाल कर है हल्का ठंढा करके उसमे हल्दी डाल कर घोल कर पि सकते है इसकी खुसबू भी निम्बू के जैसी होती है लेमन ग्रास का तेल भी गुणकारी होता है
इसके गुण कोलेस्ट्रोल को भी काम करते है लेमन ग्रास का उपयोग पाचन-शक्ति को भी मजबूत करता है

elovira plants
elovira plants

mithi neem – मीठी नीम / करी पत्ता
मीठी नीम के पौधे को हम बीज की सहायता से कही भी आसानी से लगा सकते है मीठी नीम भारत में सभी जगह आसानी से है

मीठी नीम के फायदे / लाभ – करी पत्ते का उपयोग पेट की बीमारी में गैस और कब्ज के लिए बहुत फायदेमंद है , मानसिक तनाव में , ,मधुमेह की बीमारी , बाल झड़ने की बीमारी में , अच्छी आँखो की रोशनी के लिये भी करी पत्ते का सेवन बहुत ही अच्छा है , पाचन शक्ति को लिये , करी पत्ते में जीवाणु रोधी – केंसर रोधी गुण पाये जाते हे , घाव और जलन में भी उपयोगी है , इसका उपयोग याददाश्त बढ़ाने में भी किया जाता है

मीठी नीम का उपयोग कैसे करे
मीठी नीम / करी पत्ता के सेवन से शरीर में सर्करा की मात्रा को प्रभावी रूप से कम करता है करी पत्ते में विटामिन A ,B ,C ,E भरपूर मात्रा में होता हे जो तनाव काम करने में सहायक होता है सूखे करी पत्ते को छाछ में मिला कर सेवन करने से पेट सम्बंधित बीमारियों में सहायता करता है

करी पत्ते का रस बालो में रूसी को खत्म करने का काम करता है सफ़ेद बालो की समस्या में करि पतों का पेस्ट भी बालो में लगाया जाता है करी पत्ते में विटामिन A होता है जो आखो की रोशनी के लिए फायदेमंद होता है करी पते को पीस कर घाव पर लगाने पर से फोड़े-फुंसी और जलन में फायदा होता है

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ELOVIRA – एलोवीरा / घृतकुमारी / ग्वारपाठा
एलोवीरा को हम पौधे की सहायता से लगा सकते है ईसे बहुत ही आसानी से कही भी आसानी से उगाया जा सकता हैएलोविरा का उपयोग अभी दवाइयों में – जूस में – बयूटी उत्पादों में बहुत अधिक किया जा रहा हे

एलोवीरा के लाभ/उपयोग – एलोविरा को घरतकुमारी , ग्वारपाठा आधी के भी जाना जाता हे ग्वारपाठे की वर्तमान में दुनिया में २०० के लगभग प्रजातिया पायी जाती हे परन्तु इनमे से ५ के लगभग ही मानव शरीर के लिए काम में ली जाती है
स्किन को तरोताजा रखने में भी एलोवीरा का उपयोग किया जा सकता है बालो के रूखेपन को कम करने के लिये भी एलोवीरा का उपयोग करते है

ग्वारपाठे में 18 धातु , 15 एमिनो एसिड, 11 के लगभग विटामिन पाए जाते हे
एलोविरा दिखने में मामूली पौधे होता है परन्तु इसके बहुत से चमत्कारी गुण होते है

एलोविरा से डायबिटीस , बवासीर , जोड़ो का दर्द , पेट की परेशानी , महिलाओ में गर्भस्य की परेशानी , कील-मुहासे ,चेहरे के दाग , काली झुर्रिया , फटी एड़िया , खून की सफाई में , शरीर की रोग-प्रतिरोधक श्रमता बढ़ाता है एलोविरा TOP 10 medicinal plants में मुख्य ओषधि है

कैसे उपयोग में लेते है – एलोवीरा की पत्तियों को छील के सब्जी बनाकर – जूस बनाकर , सलाद के रूप में काम में ले सकते है एलोविरा की पत्तियों से जूस निकल कर हम चेहरे पर भी लगा सकते है एलोविरा की पत्तियों से ताजा जूस निका कर बालो में जैल के रूप में बालो में लगा सकते हे या मेहंदी में जूस को डाल कर भी बालो में लगा सकते है जिससे बालो में चमक आएगी और बल सुन्दर लगेंगे

ajvayan – अजवायन

भारतीय भोजन और मसलो में अजवायन का बहुत अधिक उपयोग किया जाता है

अजवायन लाभ – अजवायन का सेवन पेट की बहुत सी बीमारीरियो के लिए रामबाण औसधि है इसका सेवन पेट दर्द , उलटी , गैस , एसिडिटी है अजवायन का उपयोग करने से कोलेस्ट्रॉल , दिल की बीमारियों में , पेट की सभी तरह की परेशानियों में , गैस और कब्ज में रामबाण है सीने के दर्द में , पानी के साथ अजवायन का सेवन करने से और गुड़ के साथ अजवायन का उपयोग अस्थमा में फायदा पहुंचाता है

सर्दी में फलु में , मुँह की सभी तरह की परेशानियों में ,डायरिया , जोड़ो का दर्द , डायबिटीज़ , वजन काम करने में , मासिक धर्मं में भी बहुत फायदेमंद है

अजवायन का उपयोग कैसे करे – गुड़ के साथ अजवायन का सेवन करने से अस्तमा में फायदा होता है अजवायन के तेल और लौंग के तेल को मिलाकर दन्त पैर लगाने से दर्द नहीं होता है और मुँह में बदबू भी नहीं आती है कोलेस्ट्रॉल को काम करने के लिए गुनगुने पानी में अजवायन मिला कर पीने से फायदा होता है

1 चमच अजवायन में अदरक और जीरे को पानी में मिला कर पीने से पेट की बीमारियों में फायदा होता है जोड़ो के दर्द में अजवायन के तेल की मालिश करने से फायदा होगा

MARUA – मरुआ

मरुआ के पौधे के लिए बीज की आवश्य्कता होता है

मरुआ के लाभ / और फायदे – मरुआ के पौधे को घर में लगाने से घर में मछर नहीं आएंगे और वातावरण शुद्ध होगा बारिश के मौसम में मरुआ का पौधा घर में लगाने से कीड़े – मकोड़े नहीं आएंगे घर में मरुआ का पौधा लगाने से डेंगू और मलेरिया की बीमारी नहीं आती

मरुआ को कैसे काम में ले – मरुआ के पौधे को घर में लगाने से मछर or कीड़े – मकोड़े घर में नहीं आते है

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 इलायची
इलायची के पौधे को लगाने के लिए बीज से ही पौधा बनाया जाता है

इलायची के लाभ – इलायची को खाने से मुँह की बदबू नहीं आती है यह ब्लड प्रेसर को भी कंट्रोल करता है यह पेट की बीमारियों में और पुरुषो की कमजोरियों को भी दूर करता है उलटी होने पर इलायची खाने से उलटी में फायदा होता है

इलायची का उपयोग कैसे करे – इलायची को हम खाना खाने के बाद – पहले कभी भी खा सकते है इलायची को चाय में मिला कर , जूस में पानी में कैसे भी काम में ले सकते है इसे हम मिश्री के साथ मिला कर सकते है इलायची में विटामिन B विटामिन स केल्सियम मेगनीसियम आयरन पोटेशियम जिंक की मात्रा पायी जाती है

medicinal plants – के फायदे

कुछ पोधो में औसधीय और चमत्कारी गुण होते है जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही जरुरी होते है हमें ऐसे top 10 medicinal plants जो हमारे अपने घर में जरूर लगाने चाहिए जिससे हम सवस्थ्य और निरोगी रहेंगे आप सभी से निवेदन है की आप अपने घर और बगीचे में ये सभी पौधे जरूर लगवाये

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जय जवान – जय किसान

4 thoughts on “top 10 medicinal plants in india जो हमारे घर में होने जरुरी है”

    • meena sharma ji
      आप को धन्यवाद
      किसान विलेज.com पर सवाल पूछने के लिए
      आप को मरुआ का पौधा किसी भी नर्सरी या आप के आस पास किसी किसान से
      या किसी मंदिर में भी इनका पौधा आसानी से मिल जायेगा
      बीज ऑनलाइन भी मिल जायेगा
      इसका पौधा तुलसी के जैसा ही होता हे पर खुसबू बहुत अधिक होती हे
      अगर आप को बीज कही भी नहीं मिले तो आप वापस कमैंट्स करे
      में आप को बीज भेजने की कोसिस करूँगा
      आप का धन्यवाद

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    • meena ji
      पोस्ट में मेने आप के लिए मरुआ के पौधे के आयुर्वेदिक और चमत्कारी गुणो के बारे में जानकारी इकट्ठी की हे में आशा करता हु की आप को ये जानकारी अच्छी लगेगी

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