मुली के प्रमुख रोग ओर किट नियंत्रण | radish farming desise and pests – kisan village

मुली के प्रमुख रोग ओर किट नियंत्रण | radish farming desise and pests – kisan village

हमारे भारत देश में बहुत से राज्य में मुली की खेती अधिक मात्रा में की जाती हे राजस्थान , मध्यपर्देश , उत्तरप्रदेश , पंजाब , हरियाणा ,दिल्ली , बिहार , गुजरात , असम पश्चिम बंगाल, हिमाचलप्रदेश आदि राज्यों में मुली की खेती अभी अधिक की जाती हे

मुली में विटामिन और खनिज तत्व पाये जाते हे मुली की खेती में अधिक पैदावार लेने के लिये आप को मुली की फसल को रोगों से और कीटो से बचाना बहुत ही आवश्यक हे

मुली के प्रमुख रोग ओर किट
radish farming desise and pests

ईस post में आप को मुली की खेती में लगने वाले सभी रोगों की जानकारी मिलेगी आप इन रोगों का निवारण केसे करेंगे व दवाइयों के बारे में यहाँ सभी जानकारी आपको मिलेगी यहा से आप मुली की खेती में काम आने वाली सभी तरह की दवाईया खरीद भी सकते हे

मुली के प्रमुख रोग ओर किट नियंत्रण – करे आसानी से

यहा से आप इन दवाओ को घर से आसानी से online खरीद सकते हे इसके लिये आप पोस्ट को पूरा पढिये

मुली की खेती में सिचाई मिटटी के आधार आपको 5 से 7 दिन में करते रहना चाहिये सर्दी में आप मुली की खेती में 10 से 15 दिन में भी इसकी सिचाई कर सकते हे यह सभी दवाईया का link आप को इसी post में मिल जायेगा

मुली की खेती में रोग नियंत्रण

पोधे का मुरझाना – ईस रोग के प्रभाव होने से पोधे की पत्तियों पर पीले पीले धब्बे दिखाई देने लगते हे और मुली का उत्पादन कम हो जाता हे और इसके प्रभाव से मुली का विकाश कम होता हे यह रोग बरसात के मोसम में अधिक होते हे

ईस रोग की रोकथाम के लिये आप कार्बनडेजिम और मेन्कोजेब दवाई का स्प्रे करते रहे इसके लिये आप ( saff ओर बाविस्टिन ) नाम की दवा का स्प्रे फसल पर कर सकते हे SAFF पाउडर में कार्बनडेजिम और मेन्कोजेब दोनों ही टेक्निकल मोजूद होता हे

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झुलसा रोग ( सफ़ेद रतुला रोग ) – ईस रोग के मुली की फसल में होने पर भी उत्पादन बहुत कम हो जाता हे और फसल पूरी तरह ख़राब हो सकती हे ईस रोग के प्रभाव से मुली की पत्तियों पर छोटे छोटे काले रंग के धब्बे दिखाई देने लगते हे या पत्तिया पीली होकर के गिरने लगती हे

मेन्कोजेब 0.25 का स्प्रे आप ईस रोग में कर सकते हे यह आप फसल पर 7 दिन में दोहराते रहे

जड सडन – ईस रोग में मुली सडकर सुख जाती हे ईस रोग के लिये भी आप saff powder का और कार्बनडेजिम का उपयोग कर सकते हे यह रोग जलभराव और चिकनी मिटटी में नमी के होने पर बहुत ज्यादा होता हे

आल्टरनेरिया लीफ स्पॉट – ईस रोग में पत्तिया पिली होती हे और सफ़ेद दाग पत्तियों पर होते हे पत्तिया गिरने लगती हे ईस रोग के लिये भी आप मुली की फसल पर saff powder का स्प्रे करे ( यह रोग मार्च – अप्रेल की फसलो में अधिक होता हे )

इन सभी रोगों का नियंत्रण करने के लिये आप समय समय पर फसल पर कार्बनडेजिम और मेन्कोजेब टेक्नीकल ( SAFF powder ) का स्प्रे करते रहे ,आप पानी के साथ में भी क्यारी में saff powder को देते रहे

मुली की खेती में किट नियंत्रण

चेपा – यह किट मुली की खेती में बहुत नुकसान पहुचाता हे इसकी रोकथाम समय पर करके ही आप मुली की खेति मे लाभ कमा सकते हे चेपा वायरश के नियंत्रण के लिये आप मेलाथियान 50 % ec दवा का 1 ml का प्रति लीटर पानी में उपयोग करे ईस दवा के समय समय पर स्प्रे से आप चेपा कीट का नियंत्रण कर सकते हे

माहू – यह किट मुल्ली की पत्तियों का रस चूस कर पत्तियों को कमजोर कर देता हे यह किट बहुत ही छोटा होता हे इसके अधिक प्रभाव से पोधे की पत्तिया पीली होने लगती हे जो मुली की खेती अच्छी नहीं हे

ईस किट का नियंत्रण आप ( ekka , नीम तेल , profex super ) नाम की दवा का स्प्रे फसल पर करके कर सकते हे ईस रोग के फसल पर अधिक प्रभाव हो जाने पर आप फसल को बाजार मे बेच नहीं पाएंगे

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पत्ते खाने वाली सुंडी – ईस किट का प्रकोप फसल पर होने पर मुली की फसल 90 % के लगभग तक ख़तम हो जाती हे इसके लिये आप समय समय पर इसके नियंत्रण के लिये profenofos 40% + cypermetrin 4% दवा का स्प्रे करते रहे यह पत्ते खाने वाली सुंडी मुली की पत्तियों को खाकर के फसल को बर्बाद कर देती हे

इसके नियंत्रण के लिये आप ( profex super ) नाम की दवा का ओर bayer की larvin नाम की कीटनाशक का स्प्रे कर सकते हे यह दोनों ही दवा सभी तरह की सुंडी को और पत्ते खाने वाले कीटो का नियंत्रण करती हे

काली भुंडी – मुली की खेती में काली भुंडी दिखाई देने पर भी आप इसमें profex super दवा का स्प्रे कर सकते हे इसमें profenofos 40% + cypermetrin 4% टेक्निकल होता हे

रोयेदार सुंडी – यह सुंडी भी मुली की पत्तियों को खाकर के नुकसान पहुचाती हे इसे आप profex super दवा का स्प्रे करके नियंत्रण कर सकते हे

रूट बोरर और शूट बोरर – यह किट आप की पूरी मेहनत को बर्बाद कर देता हे यह फसल पूरी तरह तेयार होने के बाद में लगता हे ये मुली की जड में लगकर मुली को ख़राब कर देता हे इसके लिये आप समय समय पर

इसकी रोकथाम के लिये आप बिज की बहाई के पहले आप regent gr नाम की दवा को मिटटी में मिलाकर के खेत में बिखेर दे या आप बिज की बहाई के बाद कलोरोफायरिफोस 5% दवा का स्प्रे जमीन में कर सकते हे जब भी आप सिचाई करे तब इसे पानी के साथ में क्यारी में देते रहे

खेत में आप 1 बीघा के अंदर 1 किलो दवा को मिटटी के अंदर मिक्स करके खेत में देते रहे

खरपतवार का प्रबंध

मुली की खेती में खरपतवार के बढने से पैदावार में गिरावट आती हे आप हमेशा मुली की खेती में 3 से 4 बार निराई गुड़ाई करे जिससे फसल में किट और रोंग का कम प्रभाव होगा और फसल भी ठीक रहेगी फसल के 30 दिन के लगभग हो जाने पर मिटटी अवश्य चडानी चाहिये जिससे मुली की लम्बाई बढती हे

खरपतवार नियंत्रण के लिये आप पेंडामेथलिन ec दवा का प्रति हेक्टेयर 2 से 3 लीटर दवा को 400 से 600 लीटर पानी में मिला कर के खेत में स्प्रे करे ईस दवा का स्प्रे आप बिज की बहाई के 1 से 2 दिन के अंदर खेत में कर देना चाहिए

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पेंडामेथलिन ec दवा का स्प्रे करने के बाद आप 2 दिन के पहले खेत में प्रवेश नहीं करे

दवाओ के नाम पर इनकी विसेषता – मुली के प्रमुख रोग ओर किट नियंत्रण

  • regent gr कीटनाशक – यह कीटनाशक फसल में रूट बोरर , स्टेम बोरर ,शूट बोरर , दीमक ,जेसे रोगों में फायदेमंद हे
  • saff fungicide – ब्राउन लीफ स्पॉट , लीफ स्पॉट , फ्रूट स्पॉट ,अर्ली बलाईट,जेसी बीमारियों में यह फुंगीसाइड बहुत लाभकारी हे
  • profex super – यह पत्तियों को खाने वाले सभी तरह के कीटो , सुंडी ,भुंडी ,रस चुसक कीटो का नियंत्रण करता हे
  • larvin कीटनाशक – यह सभी तरह के कीटो का नियंत्रण कर लेता हे इसमे पत्ती खाने वाले चूसक किट , ओर भूत से कीटो का नियंत्रण यह फसल से पूरी तरह कर देता हे यह पत्ती खाने वाली कीटो के लिए बहुत ही लोकप्रिय दवा हे हम भी इस किट के लिये लरविन कीटनाशक का ही उपयोग अधिक करते हे
  • मेलाथियान 50 % ec – यह चेपा वायरस एफिड , थ्रिफ्स , मकड़ी , मछर के नियंत्रण के लिये हे
  • पेंडामेथलिन ec – यह दवा आप की मुली की खेती में खरपतवार को नियंत्रित करने का काम करती हे यह मुली की खेती मे बहुत ही लाभकारी हे

आप यहा से ये कीटनाशक और फुंगीसाइड दवाईया आसानी से खरीद सकते हे

मुली की खेती बहुत ही साधारण ओर फायदेमंद खेती हे यह खेती बहुत ही कम समय मे आप को अच्छा लाभ दे सकती हे अगर आप इस खेती मे रोगो ओर कीटो का नियंत्रण समय पर कर लेते हे तो आप अच्छा लाभ कमा सकते हे

मुली के प्रमुख रोग ओर किट नियंत्रण के लिये आप समय समय पर अपनी फसल से खरपतवार निकालते रहे ओर दवाइयो का स्प्रे करते रहे

मुली के प्रमुख रोग ओर किट नियंत्रण | radish farming desise and pests – kisan village

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