बाग लगाने की top 6 वैज्ञानिक विधियां | mango farm | आम के बाग के जरुरी कार्य

आज वर्तमान में भारत पुरे विश्व में सब्जियों और फलो की बागबानी में दूसरा स्थान रखता है जो चीन के बाद हमारा है भारत आम ( mango farm )केला अनार नारियल पपीता आदी का बाग लगाने में शीर्ष उत्पादक देश है बागबानी खेती का ऐसा मॉडल है जिसमे हमें जल्दी आय प्राप्त नहीं होती है

अगर हम बाग लगाने के समय बाग लगाने की सही विधि का या सही किस्मो का चयन नहीं करते है तो आने वाले समय में हमें बहुत ही नुकसान हो सकता है पिछले 10 सालो में बागबानी फसलों का क्षेत्रफल  भी बड़ा है जिससे हम फलो के उत्पादन में पहले स्थान की और बड़ रहै है

mango farm
mango farm

फलो के निर्यात में वर्द्धि करने के लिए आम सेब संतरा केला अंगूर लीची पपीता अमरुद आधी की गुणवत्तापूर्ण उत्तम और उन्नत किस्मो का विकास किया गया है भारत में मुख्य तोर पर आम पपीता अमरुद केला अंगूर अनार संतरा कटहल बेर के बाग लगाने में बागबानी की उत्तम विधियों का उपयोग किया जाने लगा है

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अगर हम बागबानी में अधिक उत्पादन लेना चाहते है तो हमें अच्छी और उन्नत किस्मो के साथ फल के पेड़ो के आकार के हिसाब से बाग लगाने की उन्नत और अच्छी किस्मो का चुनाव भी करना होगा जिसके कारण हम कम जमीन में उन्नत विधियों के प्रयोग करके अधिक पौधे लगा कर अच्छा उत्पादन ले सकते है

 बाग लगाने की 6 वैज्ञानिक विधियां | mango farm 

 

वर्गाकार विधि
आयताकार विधि
त्रिभुजाकार विधि
क्विनंककस विधि या पूरक विधि
सम्मोचक रेखा विधि (कंटूर विधि )
षट्भुजाकार विधि

 

1. वर्गाकार विधि – ये विधि सब से सरल एवं उत्तम विधि है इन में पौधे से पौधे एवं क़तार से क़तार की दुरी बराबर होती है इस विधि में मध्यम क्रियाए करने में आसानी रहती है तथा पोधो को भी चारो और सामान रूप से फैलने की जगह मिलती है इसमें पौधे और लाइन की दुरी बराबर होती है

जैसे – पंक्ति और पौधे की दुरी ( 10*10) बराबर होती है

२. आयताकार विधि – यह विधि वर्गाकार विधि की भाती ही है इन दोनों विधियों में अंतर केवल इतना है की इस में एक पंक्ती से दूसरी पंक्ति की दुरी तथा पंक्तियों में गए पौधे से पौधे की दुरी अपेक्षा अधिक होती है

इस विधि में वर्गाकार विधि से प्रति इकाई अधिक पेड़ लगाए जा सकते है इसमें 2 पंक्तियों के बिच की दुरी पौधे से पौधे की दुरी से अधिक होती है इसमें पोधो को सूर्य का प्रकाश आदिक मात्रा में मिलता है इस विधि में भी बहुत अधिक पेड़ लगाए जा सकते है mango farm इस विधि से अधिक लगाया जाता हे 

जैसे – पंक्ति से पंक्ति की दुरी 20 फिट और पौधे से पौधे की दुरी 10  है

3. त्रिभुजाकार विधि – त्रिभुजाकार विधि में पंक्ति तथा पौधे से पौधे की दुरी तो वर्गाकार विधि की तरह ही रहती है परन्तु प्रत्येक दूसरी पंक्ति में पौधा प्रथम पंक्ति में पौधा त्रिकोण बनाते हुए दो पोधो के बिच की लाइन में लगाया जाता है इस विधि में सभी पोधो की दुरी हर तरफ से समा न होती है

4. क्विनंककस विधि – यह विधि वर्गाकार और आयताकार विधि की तरह है केवल चारो पेड़ो के बिच फिलर के रूप में एक कम समय अवधि और शीघ्र फल देने वाला हो तो इसे क्विनंककस विधि या पूरक विधि कहते है मुख्य पेड़ में फल लगने के बाद इन्है निकल दिया जाना चाहिए

5. सम्मोचक रेखा विधि (कंटूर विधि ) – पहाड़ी और अधिक ढलान वाले स्थान पर यह विधि अपनाई जाती है हर ढलान के बिच पंक्ति बनाकर कंटूर के साथ साथ पौधे लगा देते है

6 षट्भुजाकार विधि – इस विधि में वर्गाकार विधि की अपेक्षा प्रति हैक्टर 15% पौधे अधिक संख्या में लगते है जिससे आय अधिक होती है परन्तु जुताई तथा अन्य अंतराशस्य क्रियाओ में असुविधा रहती है इस विधि में भूमि का अधिक से अधिक उपयोग किया जाता है

इस विधि के अंतर्गत समबाहु त्रिकोण के हर किनारे पर पौधे लगते है इस प्रकार 6 पौधे षटकोण आकर में आ जाते है एक पौधा उनके बिच में आता है जहाँ भूमि आधी उपजाऊ व महंगी हो वही यह विधि काम में ली जा सकती है

इस विधि में भूमि का अधिकतम उपयोग होता है यह विधि पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक अपनाई जाती है यह भूमि के कटाव को भी रोकता है

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बागबानी के लिए बाग में किये जाने वाले आवश्यक कार्य

बाग लगाने के लिए स्थान का चयन

बागबानी एक ऐसा व्यवसाय है जिसमे हमें पौधे को बार-बार बदलना नहीं पड़ता है इसके लिए हमें पौधे को ऐसी जमीन का चुनाव करना चाहिए जिसमे जल भराव नहीं होना चाहिए जमीन न ही पथरीली होनी चाहिए न ही जल भराव वाली होनी चाहिये

mango farm 40  से 50 साल के लगभग रहता हे 

जल भराव वाली भूमि में पौधे की जड़ें सही तरह से विकास नहीं करती है जिससे पौधे जल्दी ही सुख जाते हैबाग लगाने वाली भूमि में पानी की निकासी के लिए जमीन को समतल करके जल निकास की व्यवस्था करनी चाहिए कंकड़ पत्थर वाली जमीन में बागबानी नहीं होती है

जहा भी पानी नहीं भरता है वहा टपक सिचाई के माध्यम से हम बागबानी कर सकते है जहा  भी पानी की पूरी व्यवस्ता है वही बागबानी करे पानी कम होने पर पेड़ सूखने लगते है

अगर आप बाग लगाना चाहते है तो खेत को, नीलगाउ , सुवर ,चिड़िया पक्षियों, आधी से बचाने के लिए भी हमें शुरू से ही प्रयास करने जरुरी है

बाग लगाने के लिए रेखांकन

बाग लगाने के लिए भूमि का चुनाव करने के बाद हमें खेत में रेखांकन का कार्य जरूर करना चाहिए रेखांकन के लिए ऊपर जो 6 विधिया बताई गई है इन विधियों में है हम किसी भी विधि का पौधे के आकर जमीन की स्थति के आधार पर अपना कर अधिक उत्पादन बागबानी में ले सकते है

पोधो और किस्मो का चुनाव

बाग लगाने  के लिए पौधे और किस्मो का चुनाव करना बहुत ही जरुरी है अच्छी किस्मो का चुनाव करके हम बागबानी में अच्छा उत्पादन ले सकते है हमेसा ऐसी ही किस्मो का चुनाव करना चाहिए

जिसका उत्पादन अधिक हो और अपने क्षेत्र  के मार्किट में उन किस्मो को बेचने में कोई परेशानी ना हो पौधे हमेसा अच्छी नर्सरी से या सरकारी नर्सरी से ही खरीदना चहिये जिससे अच्छी क्वालिटी के पौधे हमें मिले पौधे खरीदते समय सावधानी जरूर रखे

note – किसान को कम उपजाव भूमि में नरम पोधो की बागबानी नहीं करना चाहिए ऐसी भूमि में अमरुद जैसी कठोर किस्म लगा सकते है जयादा हलकी भूमि में लसोड़ा आमला बेर के बाग लगाने की कोशिस भी हम कर सकते है

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गड्डे की खुदाई

गड्डे की खुदाई हमेसा अप्रेल -मई माह में की जाती है जो अप्रेल के पहले पूरी हो जानी चहिये गड्ढो की खुदाई हमेसा रेखांकन करके ही करनी चाहिए जिससे पौधे सही दुरी में होंगे गड्डे की लम्बाई चौड़ाई हमेसा पौधे के हिसाब से होती है

1 फिट से 1 मीटर लम्बाई चौड़ाई में पौधे के हिसाब गड्डा खोदा जाता है गड्डे को लगभग महीने भर के लिए खुला रखना चाहिए पौधा लगाने के पहले गड्ढे में पौधे के अनुसार खाद भर के भर देना चाहिए

खाद में ही दीमक की दवा भी मिक्स कर देनी चाहिए जो आप को आसानी से उपलब्ध हो जाये जिससे पौधे पर दीमक का खतरा नहीं होगा ग्राफ्टेड पौधे ज्यादा गहराई में नहीं लगाने चाहिये गहराई में लगाने से ग्राफ्टेड पौधे का तना सड़ जाता है

जैसे –

1 – आम-mango farm , कटहल , के लिए 30 फिट कि दूरि पर अच्छा रहता है कुछ छोटी किस्मो में पौधे 15 फिट के लगभग की दुरी पर होती है

2 – पपीता और केले के अन्दर ( 1.5 से 2 मीटर के लगभग की दुरी सबसे अछि होती है )

3 – अनार और बेर के अंदर पौधे से पौधे की दुरी 10 फिट के लगभग रखी जाती है

4 – निम्बू और अमरुद  की बागबानी में 20 फिट के लगभग की दुरी अच्छी मानी गई है

बागबानी में सिंचाई

पोधो में जब तक फल नहीं आते है तब तक सभी तरह के फलो के पौधे को उचित बढ़वार के लिये समय – समय  पर सिंचाई करना बहुत आवश्यक है पौधे की अच्छी बढ़वार के लिए गर्मी में 8 से 10 दिन में और सर्दी में 15 से 20 दिन में सिंचाई करना अच्छा रहता है

जब भी पौधे में फूल-मंजर आया हो तब पोधो में सिंचाई बंद कर देनी चाहिए फल को बड़ा करने के लिए पौधे की आवश्य्कता के अनुसार सिचाई करे bag lagane के बाद हमें सिचाई का ध्यान रखना जरुरी होता हे

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बाग में अंतराशस्य कार्य

बागबानी में पौधे में फल आने में बहुत सारा समय लगता जिसके बिच किसान  को अपनी आय को बढ़ाने के लिए बाग में दूसरी फसल लेकर अपनी आय को किसान बड़ा सकता है

किसान बागबानी के अंदर ऐसी फसलों का ही चुनाव करे जिससे बाग के अंदर लगे पौधे को कोई भी नुकसान न हो बागबानी के अंदर ज्यादातर दलहनी फसलों चना अरहर मुंग उड़द का ही चुनाव करना चाहिए

कम से कम ऐसी फसलों का ही चुनाव करे जिनका समय 4 महीने से कम न हो पोधो के निचे कभी भी खरपतवार नहीं उगने देना चाहिये खरपतवार से पौधे के विकास पर बुरा प्रभाव पड़ता है mango farm में दुरी अधिक होने के कारण बिच में कोई भी फसल लगा सकते हे

पौधे में पुष्पन और फलन

वैज्ञानिक विधि से तैयार पौधे में 3 से 4 साल में फल आने लगते है और कुछ पौधे में 2 साल के अंदर ही फल आने लगते है कुछ पोधो में पराँगण कीटो के द्वारा ही होता है जिसके लिए फूल आने पर बाग में किसी भी रासायनिक दवाओं का स्प्रे नहीं करना चाहिये

दवाओं के स्प्रे के कारण फलो का उत्पादन प्रभावित हो सकता है बागबानी में अच्छा उत्पादन लेने के लिए पौधे का विकास होना जरुरी है जो पौधे की किस्म और गुण के आधार पर 10 से 15 साल में होता है

निम्बू फार्म – mango farm – में फूल आने के समय पानी नहीं देना चाहिये

 

बागबानी में अच्छी क्वालिटी और आकार के फल के लिये 15 से 25 प्रतिशत फूलो को निकल देना चाहिये

 

गर्मी में लू और पाले से बाग को कैसे बचाये

बाग लगाना ही किसान का कार्य नहीं होना चाहिए उसे समय समय पर देखभाल करना भी बहुत ही जरुरी है कीटो से देखभाल, खाद देने का कार्य , सिचाई करने के , अलावा हमें बाग में पोधो को पाले और गर्म लू से भी बचाना होता है

हमेशा गर्म हवाएं पश्चिम दिशा से और सर्द और ठंढी हवाएं उत्तर दिशा की और से ही आती है जिसके लिए उत्तर और पश्चिम दिशा में ऊंचे और अधिक बढ़ने वाले पोधो की पंक्ति लगा देनी चाहिए जिससे हम अपने बाग की सुरक्षा पाले और लू से बचा सकते है

बाग के लिए बाढ़ वृक्ष लगाने के लिए जामुन, शीशम, आम आधी के पेड़ो का चुनाव करना चाहिए ऐसे बाढ वृक्ष लगाने से हमें टिड्डियों की परेशानी भी कम होगी

फलो की तुड़ाई और भण्डारण

अलग – अलग फलो के पोधो में फल का आना और फल के पकने का समय अलग -अलग होता है जिसके कारण कुछ फल जल्दी ख़राब हो जाते है और उनका भण्डारण ज्यादा समय के लिए नहीं किया जा सकता है

भण्डारण की  नयी -नयी तकनीक को अपना कर हम फलो को अधिक समय तक भण्डारण कर सकते है अगर आप बागबानी करना चाहते है तो आप सबसे पहले ये निर्धारित करे की  आप  कोनसे फलो की बागबानी करना चाहते है

फल के पौधे का चुनाव करने के बाद आप को बाग लगाने की एक उन्नत विधि का चुनाव करना है जो आप के लिये बहुत जरुरी है जो हमारे बाग के उत्पादन को बढ़ाने में बहुत जरुरी है

पेड़ों की कटाई और प्रूनिंग

बाग में कुछ पौधे ऐसे भी होते है जिनकी सालाना कटिंग होना भी जरूरी होता है पोधो की कटिंग होने के बाद पौधे में शाखाये जल्दी फूटती है नई शाखाओ पर फल और फूल अधिक मात्रा में निकलते है

जिससे हमें अधिक उत्पादन मिलता है पेड़ो के निचे बने थालो में समय समय पर सफाई करते रहै और खाद और पानी की सिचाई करते रहै

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बागबानी में नुकसान होने के कारण –  mango farm

बहुत से लोगो का कहना है की बागबानी करना फायदे का कार्य नहीं है जिसके वह बहुत से कारण बताते है जो पूर्णतया सही नहीं होती है जो सामान्यतया किसान की कुछ कमी के के कारण हमें बागबानी में नुकसान मिल सकता है जो इस प्रकार है

1 – बहुत से किसान बाग तो लगा देते है लेकिन बाद में पोधो की देखभाल नहीं करते है और समय समय पर पानी और खाद का भी प्रयोग नहीं करते जिसके कारण पौधा सही तरह नहीं बढ़ता है और उत्पादन में भी कमी आती है

2 – बहुत से किसान ऐसे भी है जो अपने आप ही निर्धारित कर लेते है की मुझे अनार ही लगाना है और मुझे तो आम ही लगाना है वह बाग लगाने के लिए कोई भी तैयारी नहीं करते

वह जमीन की, वातावरण की खाद, की पानी की, कोई भी जानकारी इकट्ठी नहीं करते है पौधे लगा देते जिससे किसानो को नुकसान तो होगा ही

3 – किसान पौधे लगाने के लिए बागबानी की उन्नत और वैज्ञानिक विधि का प्रयोग नहीं करते है अगर पौधे लगाने के लिए शुरुआत में ही हम गलत विधि का प्रयोग कर लेते है तो बाद में हमें नुकसान जरूर होगा

4 – पौधे में सही दुरी का ध्यान नहीं रखना भी नुकसान का कारण हो सकता है पौधे की साइज़ के अनुसार सही और उत्तम विधि का चुनाव करना जरुरी होता है जिससे अच्छा उत्पादन हमें मिलने लग सकता है mango farm में पौधे अधिक दुरी पर लगाने चाहिये

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जय जवान  जय किसान

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