आकाश चौरसिया जी की मल्टीलेयर खेती मॉडल से आप भी कमाये 1 एकड़ में 10 लाख का मुनाफा | Multilayer farming

multilayer farming – हमारे देश में बहुत से किसान आज खेती से मुँह मोड़ रहे हे जिसका कारण आज खेती में बढ़ते हुये खर्चे हे जिनका निवारण करना बहुत ही आवश्यक है इनका निवारण किये बिना किसान कभी भी लाभ नहीं कमा पाते हे

इन्ही समस्याओं के निवारण के लिए आज कुछ पढ़े – लिखे युवा आगे आ रहे हे जिन्ही में से एक हे आकाश चौरसिया जी, जिनके बारे में आज हम यहाँ आप को जानकारी देने वाले हे

आज में आप को भारत के एक किसान डॉक्टर आकाश चौरसिया जी के बारे में बताने वाला हु, जिनका जन्म मध्यप्रदेस के सागर जिले के राजीव नगर तिल्ली सागर [ सागर रेलवे स्टेशन के 5 किलोमीटर पास ] में हुआ हे

akash chaurasia
Multilayer farming

आकाश चौरसिया जी से में स्वयं 2019 में पहली बार ट्रेनिंग के समय सागर Mp में ही मिला हु  

आकाश चौरसिया जी का परीचय – Multilayer farming


आकाश जी का सपना डॉक्टर बनकर लोगो की सेवा करने था जब मालूम हुआ की की जयादातर बीमारिया ख़राब खान-पान की वजह से हो रही हे तो आकाश जी  ने जब ईसकी वजह जानी तो उन्हें मालूम हुआ की बीमारियों की रोकथाम के लिए दवाइयों की नहीं शुद्ध अनाज और सब्जियों की जरुरत है इसके कारण  इन्होने डॉक्टर ना बन कर एक किसान बनने का सोचा

ईस सोच के साथ 2010 मे जमीन के एक छोटे टुकड़े से जैविक खेती की शुरुआत की और खेती की तरफ बढ़ने लगे की डॉक्टर बनने से अच्छा हे किसान बनकर शुद्ध भोजन लोगो तक पहुंचाया जाये जिसके कारन लोग सवस्थ रहे

आज वर्तमान में 600 से अधिक किसानो के साथ आकाश चौरसिया जी ने हजारो एकड़ भूमि में जैविक जैविक और Five Leyar Farming modal को पंहुचा चुके हे

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कर्षि के क्षेत्र में आकाश जी का योगदान

आज आकाश जी एक अच्छे प्रशिक्षक हे जो अन्य किसानो को जैविक खेती और फाइव लेयर फार्मिंग की ट्रेनिंग दे रहे हे कर्षि के क्षेत्र में अच्छे योगदान के लिये आकाश जी को राज्य स्तर और राष्ट्रीय स्तर पर 8 से अधिक पुरस्कर मिल चुके हे मुख्य मुख्य पुरस्कर ये हे

  • बेस्ट फार्मर अवार्ड
  • राष्ट्रीय पतंजलि कर्षि गौरव अवार्ड
  • महिंद्रा समृदि युवा राष्ट्रीय पुरस्कार
  • बायोवेद इंस्टिट्यूट इलहाबाद
  • जिंदल फाउंडेशन राष्ट्रीय सवयं सिद्ध सम्मान

किसानो के लिये नि -शुल्क  प्रशिक्षण

किसानो को हर महीने की 27-28 तारीख को निःशुल्क जैविक खेती और फाइव लेयर फार्मिंग और जैविक और केचुआ खाद की ट्रेनिंग करवाई जाती हे जिसमे देश के सभी किसान भाग ले सकते हे

उन्नत कर्षि अभियान परिसद – संस्था

आकाश जी ने 2014  मध्य उन्नत कर्षि अभियान परिसद के नाम से एक संस्था बनाई हे जो प्रत्येक महीने की 27 से 28 तारीख के लगभग  किसानो को मुफ्त पर्शिक्षण  देते है जिसमे खाने और रहने और ट्रेनिंग की सेवाये उनकी संस्था उपलब्ध करवाती है जिसमे सभी किसान भाग ले सकते है

ईस तरह करते हे खेत तैयार

खेत को चारो तरफ से 8 फिट की उचाई तक और ऊपर से घास- पुआल-खरपतवार और तार की सहायता से कवर कर देते हे जिससे धुप आवशयक्ता अनुसार मिलता हे

अंदर ग्रीन-हाउस की तरह तापमान को नियंत्रित कर लेते हे और खरपतवार और उनके बीज अंदर खेत में नहीं पहुंच पाते है किट -पतंगे अंदर नहीं आएंगे जिससे पानी और खाद की कम आवसयकता होती है और खर्चा कम होता है

इसमें ऊपर की छत  रोकने के लिए 6*6  दुरी पर बॉस लगाते है उसके ऊपर सुकी घास को ऊपर डालते हे जिससे एक सेड का निर्माण होता हे और ग्रीन-हॉउस के तरह देशी ढाचा तैयार करके फसल को तेज धुप और बारिश ओलो की सीदी मार से बचाते हे 

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फाईव लेयर फार्मिंग – कया है

  • फाइव लेयर फर्मिन में खेत में पांच तरह की फसले को अलग-अलग प्रकार की अलग-अलग उचाई और आकार की फसलों को उनके आकार और पौधे की उचाई और समय के आधार बुहाई की जाती हे
    • जैसे –
  • जमीन के 4 इन्च अंदर – अदरक
  • जमीन के ऊपर – पालक चौलाई धनिया भाजी   मेथी साग-सब्जी  [ 4 से 6 ]   इंच  सब्जिया
  • तीसरी लेयर में –  सभी बेल वाली सब्जिया [ करेला कुंदरू परवल टिंडा ]      2-2 फिट पैर
  • चोथी लेयर में – बड़े पत्तो वाली बेल [ ककड़ी कद्दू खीरा ]   2 से 4  फिट पर
  • पांचवी लेयर में – पपीता लगा सकते हे

आकाश जी में बताया की जमीन के अंदर से अदरक को निकलने में 2 महीने के लगभग का समय  है तब तक चौलाई और पालक की फसल जो 25 से 30 दिन में तैयार हो जाती हे खेत से निकल चुकी होती है चौलाई पालक के ख़तम होने के बाद अदरक की फसल बाहर निकलती है

इसी समय करेले की फसल मे करेले मिलने लगते हे बारिश  मौसम में अदरक मार्केट में कम होती हे जिसके कारण अच्छा भाव और मुनाफा मिलता हे गर्मियों के ख़तम होते होते कुंदरू की फसल भी चालू हो जाती है तभी पपीता के पोधो से भी पपीता मिलने लगता है, पालक चौलाई की जगह धनिया चुकन्दर मूली आधी की बुहाई करके अधिक आय प्राप्त कर सकते हे

संगीत सुनाकर जल्दी खाद तैयार करते है

कुछ विशेस साउंड, और संगीत, विशेस-मंत्र सुना कर केचुआ-खाद जो 60 दिन में तैयार होता हे उसे 45 दिन में तैयार केर रहे हे  जो फसल [ 90 – 100 ] दिन में तैयार होती हे वो 70 – 80 दिन में तैयार हो रही है जिससे फसल कम समय में तैयार होने से लागत में कमी आ रही हे

केचुआ खाद से निकलने वाले पानी एक अर्क के सामान होता हे जो बहुत ही ताकतवर होता हे इसमें बहुत से मिक्रो- नूट्रियनट  होते हे जो फसल को ताकत प्रदान करता हे और फसल को बढ़ाने में और उत्पादन में बड़ा योगदान रहता हे आकाश जी गोबर से 10 से अधिक तरह के खाद और दवाईया बनाते हे

आकाश जी ने बताया है संगीत सुबह और शा को 2-2  घंटे सुनाना ही काफी हे संगीत में धुन हो शब्द नहीं होने चाहिए रात में संगीत नहीं सुनाना चाहिये 

खेत में पानी रिचार्ज करते है

बरसात का पानी बर्बाद होकर खेत से बाहर नहीं जाये जिसके लिए , खेत के निचले हिस्सें में  [ 10 *10 ]
या [ 20 *20 ] फिट का गड्डा खोद कर बरसात के पानी को इकट्टा कर के बाद में फसल की सिचाई में काम में ले सकते हे और पानी के साथ बह कर जाने वाली मिटटी को भी बचा सकते हे
एक एकड़ खेत में इस तरह सेकड़ो ट्रॉली मिटटी और लाखो लीटर पानी को बहकर जाने से बचा सकते है

जैविक कीटनाशक और अर्क भी बनाते हे

  • आकाश जी रासायनिक कीटनाशक और खाद की जगह जैविक खाद और कीटनाशक  तैयार करते है
  • जिसके कारण किसानो की बाजार से आत्मनिर्भरता कम होगी और किसानो को कम लागत में उत्तम फसल प्राप्त होगी जैविक कीटनाशक और खाद को किसान आसानी से घर पर ही बना सकते है
  • आकाश जी बहुत सी विलुप्त होती देशी प्रजातियो के बीजो का संघर्ण कर रहे है और
  • आकाश जी गौ-मूत्र का प्रयोग भी खेतो में कर रहे है
  • Multi layer farming MODAL

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खेती में योगदान

50 से अधिक मॉडल फार्म जैविक और फाइव लेयर फार्म विकसित किये है
200 से अधिक युवाओ की टीम खड़ी की है जो ( आईआईटी , पीएचडी , एमबीए ,डिग्रीधारी ) है
7000 से अधिक किसान इनके मार्ग दर्शन में खेती कर रहे है
राजस्थान , मध्यप्रदेस ,  उत्तरप्रदेस ,  महाराष्ट्र , हिमाचल परदेस , तेलगाना ,  बिहार , दिल्ली , हरियाणा आदि में बहुत से मॉडल फार्म में बनाये है

में किसान का बेटा हु जिसके कारण मुझे खेती-बड़ी पर लिखना अच्छा लगता हे
आप को हम से कोई शिकायत  सुझाव हे तो आप हम से संपर्क कर सकते हे

NOTE –  आप हम से  Kisanvillage11@gmail.com पर संपर्क कर सकते हे  

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